दस हजार बीघा अवैध प्लॉटिंग ध्वस्त, एक हजार से अधिक निर्माण सील

देहरादून : उत्तराखंड में अवैध निर्माण और अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। प्राधिकरण ने अपने क्षेत्र में लगभग 10 हजार बीघा भूमि पर की गई अवैध प्लॉटिंग को ध्वस्त किया है, जबकि एक हजार से अधिक अवैध निर्माणों को सील किया जा चुका है।
रविवार को एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने एक बयान जारी बताया कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माण और अवैध प्लॉटिंग किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने बताया कि अब तक लगभग 10 हजार बीघा भूमि पर कार्रवाई की जा चुकी है और एक जार से अधिक अवैध निर्माणों को सील किया जा चुका है। उन्होंने आम लोगों से अपील की कि भूमि खरीदने या निर्माण कार्य से पहले एमडीडीए से आवश्यक अनुमति अवश्य प्राप्त करें।
प्राधिकरण का कहना है कि अवैध प्लॉटिंग शहरी नियोजन, पर्यावरण संरक्षण और जनसुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती है। ऐसी गतिविधियाँ भविष्य में जलभराव, यातायात अवरोध और अन्य बुनियादी समस्याओं का कारण बनती हैं। एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने बताया कि प्राधिकरण की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं और अवैध निर्माण चिन्हित होते ही तुरंत नियमानुसार सीलिंग एवं ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि अवैध गतिविधियों में संलिप्त लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई और जुर्माना भी लगाया जा रहा है। एमडीडीए ने विकासनगर, सहसपुर, सेलाकुई, हरबर्टपुर, प्रेमनगर, सहस्रधारा रोड, डोईवाला, रायपुर, धर्मपुर सहित देहरादून जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में कार्रवाई की गई है।



