इंदौर में वनडे से फैसला, सीरीज बराबरी पर, भारतीय बल्लेबाजों की अग्निपरीक्षा
भारत और न्यूजीलैंड के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज हो रही है। पहला वनडे भारत ने जीता था, जबकि न्यूजीलैंड ने दूसरे वनडे में दमदार प्रदर्शन करते हुए सीरीज में वापसी की और मैच अपने नाम किया। तीसरा और निर्णायक वनडे रविवार को इंदौर के होलकर स्टेडियम में खेला जाएगा।
इस मुकाबले के लिए दोनों टीमें पहुंच गईं हैं। आखिरी मुकाबले के लिए दोनों टीमों ने तैयारी भी शुरू कर दी है। भारत के बल्लेबाजों का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा और अंतिम मैच में बल्लेबाज इसमें सुधार करना चाहेंगे।
पहला वनडे वडोदरा में भारत ने 4 विकेट से जीता था, जबकि दूसरे वनडे में राजकोट में न्यूजीलैंड ने 7 विकेट से शानदार जीत दर्ज की। डैरिल मिशेल की शतकीय पारी और विल यंग के साथ उनकी 162 रनों की साझेदारी ने न्यूजीलैंड को लक्ष्य का पीछा करने में मदद की, जिससे सीरीज निर्णायक मैच तक पहुंच गई।
इंदौर का होलकर स्टेडियम बल्लेबाजों के लिए मददगार होता है। छोटी बाउंड्री के कारण खूब रन बनते हैं। भारत और न्यूजीलैंड की टीम शुक्रवार को नेट प्रैक्टिस करेंगी, जहां खिलाड़ी पिच और परिस्थितियों का आकलन करेंगे।

न्यूजीलैंड ने दूसरे वनडे में डेरिल मिचेल की नाबाद 131 रन की पारी की बदौलत 285 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए सात विकेट की जीत के साथ वनडे सीरीज 1-1 से बराबर कर दी। भारतीय स्पिन गेंदबाज एक बार फिर घरेलू मैदान पर प्रभाव नहीं छोड़ सके।
कुलदीप यादव और रविंद्र जडेजा काफी महंगे साबित हुए। वहीं पदार्पण कर रहे बाएं हाथ के स्पिनर जेडन लेनॉक्स ने भारतीय बल्लेबाजों पर शानदार नियंत्रण रखा और 10 ओवर में 42 रन देकर एक विकेट लिया।
इसके विपरीत, कुलदीप यादव (10 ओवर, 82 रन, एक विकेट) और रविंद्र जडेजा (आठ ओवर में 44 रन) ने 18 ओवर में 126 रन लुटा दिये।
न्यूजीलैंड की 50 ओवर के इस मुकाबले में जीत ने एक बार फिर उस समस्या को उजागर कर दिया, जिससे भारत पिछले करीब दो साल से टेस्ट क्रिकेट में जूझ रहा हैं। पिछले कुछ साल से घरेलू परिस्थितियों में भारतीय स्पिन आक्रमण मेहमान टीम के स्पिनरों के सामने कमजोर पड़ रहा है।



