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विजय हजारे ट्रॉफी : बारिश और हरविक देसाई के शतक ने रोका यूपी का सफर

लगातार सात जीत के साथ विजय हजारे ट्रॉफी में अजेय सफर तय कर रही उत्तर प्रदेश की टीम का अभियान नॉकआउट में आकर थम गया।

पहली ही हार ने यूपी को टूर्नामेंट से बाहर का रास्ता दिखा दिया। बेंगलुरु स्थित बीसीसीआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंसी के ग्राउंड नंबर–2 पर खेले गए दूसरे क्वार्टर फाइनल में सौराष्ट्र ने बारिश से प्रभावित मुकाबले में वीजेडी मैथड के तहत यूपी को 17 रन से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई।

 सौराष्ट्र ने वीजेडी मैथड के तहत 17 रन की जीत से की सेमीफाइनल में इंट्री

मैच उस समय निर्णायक मोड़ पर आ गया था जब 40.1 ओवर में सौराष्ट्र का स्कोर 3 विकेट पर 238 रन था। इसके बाद बारिश ने खेल रोक दिया और वीजेडी मैथड के आधार पर सौराष्ट्र को विजेता घोषित कर दिया गया।

इस जीत के नायक रहे सलामी बल्लेबाज हरविक देसाई, जिन्होंने नाबाद 100 रन बनाए। उनके साथ चिराग गनी 40 रन बनाकर नाबाद रहे।

साभार : गूगल

राजकोट में खेले गए लीग मुकाबलों में शानदार प्रदर्शन करने वाली यूपी विकेट बदलते ही अपनी लय खो बैठी। खासतौर पर कप्तान रिंकू सिंह और पूरे टूर्नामेंट में सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज रहे स्पिनर जीशान अंसारी का इस अहम मुकाबले में न चल पाना हार की बड़ी वजह बना।

बल्लेबाजी के लिए मुफीद विकेट पर यूपी ने 310 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया था, लेकिन सौराष्ट्र के बल्लेबाजों ने उसे चुनौती की बजाय अवसर में बदल दिया। हालांकि इस विकेट पर गेंदबाजों के लिए बहुत ज्यादा मदद नहीं थी, फिर भी सौराष्ट्र के गेंदबाजों ने यूपी के मध्यक्रम को झकझोर दिया।

चेतन साकरिया ने 3 विकेट झटके, जबकि अंकुर पंवार और प्रेरक मांकड़ को दो-दो सफलताएं मिलीं। यूपी से करन चौधरी, प्रशांत वीर और विप्रज निगम को एक-एक विकेट मिला।

बल्लेबाजी में सौराष्ट्र को शुरुआती झटका जरूर लगा, लेकिन उसके बाद हरविक देसाई और प्रेरक मांकड़ (67 रन) ने दूसरे विकेट के लिए 133 रनों की साझेदारी कर मैच का रुख पलट दिया।

इसके बाद देसाई और चिराग गनी के बीच चौथे विकेट के लिए हुई नाबाद 76 रनों की साझेदारी ने यूपी की उम्मीदों पर लगभग विराम लगा दिया। दो विकेट लेने और 67 रन बनाने वाले प्रेरक मांकड़ को उनके ऑलराउंड प्रदर्शन के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।

इससे पहले टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी यूपी टीम को ध्रुव जुरेल की गैरमौजूदगी में बड़े स्कोर की चुनौती का सामना करना पड़ा।

शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। सलामी बल्लेबाज आर्यन जुयाल, जो पहले चार मैचों में शानदार फॉर्म में थे, इस नॉकआउट मुकाबले में खाता भी नहीं खोल सके। यूपी का पहला विकेट सिर्फ 10 रन पर गिर गया। जुरेल की जगह शामिल किए गए रितुराज शर्मा (12) भी जल्दी पवेलियन लौट गए।

42 रन पर दो विकेट गिरने के बाद अभिषेक गोस्वामी और प्रियम गर्ग (35) ने तीसरे विकेट के लिए 57 रन जोड़कर पारी को संभालने की कोशिश की, इसके बाद कप्तान रिंकू सिंह भी 13 रन बनाकर आउट हो गए। यूपी ने पावरप्ले में सिर्फ 43 रन बनाए और इस दौरान उसके दो विकेट गिर चुके थे।

134 रन पर चौथा विकेट गिरते ही यूपी की पारी लड़खड़ा गई। थोड़ी ही देर बाद अभिषेक गोस्वामी भी 88 रन बनाकर आउट हो गए। 179 रन पर आधी टीम के पवेलियन लौटने के बाद संकट और गहरा गया।

ऐसे मुश्किल हालात में समीर रिज़वी और प्रशांत वीर ने छठे विकेट के लिए अर्धशतकीय साझेदारी कर टीम को सम्मानजनक स्कोर की ओर बढ़ाया।

रिज़वी ने एक छोर संभाले रखा और निचले क्रम के बल्लेबाजों के साथ छोटी-छोटी साझेदारियां कर टीम को 50 ओवर में 8 विकेट पर 310 रन तक पहुंचाया। समीर रिज़वी ने नाबाद 88 रन बनाए। विप्रज निगम ने 13 और जीशान अंसारी ने 20 रन जोड़े।

अंततः हरविक देसाई के शतक और बारिश के हस्तक्षेप ने यूपी के विजय हजारे ट्रॉफी अभियान का अंत कर दिया—एक ऐसा अभियान जो लीग चरण में अजेय रहा, लेकिन नॉकआउट के दबाव में बिखर गया।

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