विजय हजारे ट्रॉफी: सरफराज की ऐतिहासिक पारी से मुंबई की लगातार चौथी जीत
मुंबई की विजय हजारे ट्रॉफी में नॉकआउट की ओर तेज़ बढ़त की कहानी बुधवार को यहां सरफराज खान की ऐतिहासिक आतिशी पारी के इर्द-गिर्द घूमती रही। ग्रुप सी मैच में गोवा के खिलाफ मुंबई ने 87 रन की बड़ी जीत दर्ज की और लगातार चौथी जीत के साथ क्वार्टर-फाइनल के बेहद करीब आ गई।
2025 के अंत को यादगार बनाते हुए सरफराज खान ने 157 रन ठोक डाले। इस विस्फोटक बल्लेबाजी से मुंबई ने आठ विकेट पर 444 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया, जो इस मुकाबले को शुरुआत में ही एकतरफा बना गया।
सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में शानदार फॉर्म में रहे सरफराज ने गोवा के गेंदबाजों पर कोई रहम नहीं दिखाया। उनकी पारी में नौ चौके और 14 छक्के शामिल रहे।
खास तौर पर स्पिन गेंदबाजों को उन्होंने निशाना बनाया—14 में से 10 छक्के ऑफ स्पिनर ललित यादव और बाएं हाथ के स्पिनर दर्शन मिसाल के खिलाफ आए।

ललित यादव ने चार ओवर में चार छक्के खाए और 93 रन देकर दो विकेट लिए, जबकि दर्शन मिसाल पर सरफराज ने छह छक्के जड़े, जिन्होंने 98 रन देकर तीन विकेट हासिल किए।
महान सचिन तेंदुलकर के बेटे अर्जुन तेंदुलकर भी सरफराज की मार से नहीं बच सके। उनके आठ ओवर में 78 रन बने। सरफराज 42वें ओवर में आउट हुए और लिस्ट ए क्रिकेट में अपने पहले दोहरे शतक से चूक गए, लेकिन तब तक मैच मुंबई की पकड़ में आ चुका था।
सरफराज के आउट होने के बाद भी मुंबई की रन गति में कोई गिरावट नहीं आई। अंतिम आठ ओवरों में टीम ने 100 से ज्यादा रन जोड़े।
मुशीर खान (60), विकेटकीपर हार्दिक तामोरे (53), शम्स मुलानी (22), तनुष कोटियन (नाबाद 23) और कप्तान शार्दुल ठाकुर (27) ने तेजतर्रार पारियां खेलीं। पूरी पारी में मुंबई ने कुल 35 चौके और 25 छक्के लगाए।
इस मैच में यशस्वी जायसवाल की भी वापसी हुई, जो ‘गैस्ट्राइटिस’ के कारण राष्ट्रीय वनडे चैंपियनशिप के शुरुआती सप्ताह से बाहर थे। उन्होंने 46 रन बनाए, लेकिन इस दिन पूरी चमक सरफराज के नाम रही।
444 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए गोवा की टीम कभी भी मुकाबले में पूरी तरह शामिल नहीं दिखी। मध्य ओवरों में ललित यादव (64), अभिनव तेजराणा (100) और दीपराज गायकवाड़ (70) ने संघर्ष जरूर किया, लेकिन लक्ष्य इतना बड़ा था कि उनकी पारियां भी नाकाफी साबित हुईं। गोवा की टीम नौ विकेट पर 357 रन ही बना सकी।
गेंदबाजी में कप्तान शार्दुल ठाकुर ने सपाट पिच पर अपनी उपयोगिता एक बार फिर साबित की। उन्होंने छह ओवर में सिर्फ 20 रन देकर तीन विकेट चटकाए। वहीं लेग-ब्रेक गेंदबाजी करते हुए यशस्वी जायसवाल ने तीन ओवर में 52 रन देकर दो विकेट हासिल किए।
इस जीत के साथ मुंबई ग्रुप लीग में लगातार चार मुकाबले जीत चुकी है। अब बचे हुए तीन मैचों में से सिर्फ एक और जीत उसे निश्चित रूप से क्वार्टर-फाइनल में पहुंचा देगी, और मौजूदा फॉर्म को देखते हुए मुंबई का आत्मविश्वास चरम पर है।



