बारिश से प्रभावित मैच में आसाम पर यूपी की चौथी लगातार जीत
विजय हजारे ट्रॉफी
बारिश से प्रभावित मुकाबले में रणनीति, धैर्य और दमदार बल्लेबाज़ी के सहारे उत्तर प्रदेश ने विजय हजारे ट्रॉफी ग्रुप-बी में अपनी जीत की लय को कायम रखा।
राजकोट के निरंजन शाह स्टेडियम में खेले गए इस मैच में यूपी को आसाम के खिलाफ वीजेडी मेथड के तहत 58 रनों से विजयी घोषित किया गया। यह यूपी की टूर्नामेंट में लगातार चौथी जीत रही, इससे पहले टीम हैदराबाद, चंडीगढ़ और बड़ौदा को भी मात दे चुकी है।
मैच का रुख पूरी तरह सलामी बल्लेबाज़ आर्यन जुयाल की शानदार पारी ने बदल दिया। जुयाल ने नाबाद 150 रन बनाते हुए टूर्नामेंट का अपना दूसरा शतक जड़ा और टीम को जीत के बेहद करीब पहुंचाया, जिसके लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी करने उतरी आसाम की टीम 48.4 ओवर में 308 रन बनाकर ऑलआउट हो गई। कप्तान सुमित गांधी गांवकर ने 101 रनों की बेहतरीन शतकीय पारी खेली, जबकि शिबाशंकर राय ने 82 रन बनाकर उनका अच्छा साथ दिया।

उत्तर प्रदेश से गेंदबाज़ी में विप्रज निगम सबसे सफल रहे, जिन्होंने 4 विकेट झटके। जीशान अंसारी ने 3 विकेट लिए, जबकि कुनाल त्यागी, करन चौधरी और प्रशांतवीर को एक-एक सफलता मिली।
308 रनों के बड़े लक्ष्य का पीछा करने उतरी यूपी को सलामी जोड़ी ने ठोस शुरुआत दिलाई और पहले विकेट के लिए 54 रनों की साझेदारी की। हालांकि इसी दौरान अभिषेक गोस्वामी 24 रन बनाकर रिटायर हर्ट हो गए। आर्यन जुयाल और ध्रुव जुरेल (17) ने स्कोर को 90 तक पहुंचाया, जहां जुरेल का विकेट गिरा।
पहला विकेट गिरने के बाद जुयाल ने नए बल्लेबाज़ प्रियम गर्ग के साथ पारी को संभालते हुए दूसरे विकेट के लिए 128 रनों की अहम साझेदारी की।
प्रियम गर्ग के लिए यह पारी खास रही, क्योंकि उन्होंने लंबे समय बाद अर्धशतक लगाया। गर्ग ने 52 रन बनाए। इससे पहले उनकी पिछली 10 पारियों में सर्वाधिक स्कोर 35 रन था, जो उन्होंने दिसंबर 2024 में चंडीगढ़ के खिलाफ बनाया था।
कप्तान रिंकू सिंह और आर्यन जुयाल ने तीसरे विकेट के लिए नाबाद 73 रनों की साझेदारी की। बारिश के कारण खेल रोके जाने तक यूपी ने 42 ओवर में सिर्फ 2 विकेट खोकर 291 रन बना लिए थे और टीम जीत के बिल्कुल करीब पहुंच चुकी थी।
रिंकू सिंह ने नाबाद 37 रन बनाए, जबकि जुयाल ने नाबाद 150 रनों की पारी खेली। बारिश के चलते वीजेडी मेथड के तहत यूपी को संशोधित लक्ष्य 234 रन मिला था, जिसे वह पहले ही हासिल कर चुका था। इसी आधार पर यूपी को 58 रनों से विजयी घोषित किया गया।
गौरतलब है कि वीजेडी मेथड बारिश या अन्य व्यवधानों से प्रभावित सीमित ओवरों के मैचों में लक्ष्य तय करने की एक भारतीय प्रणाली है। इसे केरल के सिविल इंजीनियर वी. जयदेवन ने विकसित किया था और इसे डकवर्थ-लुईस-सिस्टम (डीएलएस) का भारतीय विकल्प माना जाता है।
यह विधि पारी को शुरुआती, मध्य और अंतिम चरणों में बांटकर रन रेट की गणना करती है, जिससे लक्ष्य अधिक व्यावहारिक माना जाता है। भारतीय घरेलू टूर्नामेंट, खासकर विजय हजारे ट्रॉफी में इसका व्यापक इस्तेमाल होता है।
डीएलएस जहां रन रेट को लगातार बढ़ता मानता है, वहीं वीजेडी पारी के अलग-अलग चरणों के अनुसार अधिक सटीक लक्ष्य तय करता है, जैसे 250 रन के स्कोर पर डीएलएस 154 का लक्ष्य दे सकता है, जबकि वीजेडी 142 रन निर्धारित कर सकता है। यह विधि लिस्ट-ए और टी20 मैचों में आम तौर पर लागू की जाती है।



