बे ओवल में न्यूजीलैंड की ऐतिहासिक जीत, वेस्टइंडीज को 323 रन से मिली करारी शिकस्त
माउंट माउंगानुई के बे ओवल में खेले गए तीन मैचों की टेस्ट सीरीज के निर्णायक और अंतिम मैच में न्यूजीलैंड ने वेस्टइंडीज पर पूरी तरह दबदबा बनाते हुए 323 रनों से विशाल जीत दर्ज की।
यह जीत न सिर्फ मैच की थी, बल्कि इसी के साथ कीवी टीम ने टेस्ट सीरीज भी 2-0 से अपने नाम कर ली, क्योंकि पहला मुकाबला ड्रॉ रहा था। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी न्यूजीलैंड की टीम ने शुरुआत से ही मेहमान गेंदबाजों पर दबाव बनाया।
ओपनिंग जोड़ी ने मजबूत नींव रखी और कप्तान टॉम लैथम व डेवोन कॉन्वे ने इसे ऐतिहासिक पारी में बदल दिया। पहली पारी में न्यूजीलैंड ने 575 रन बनाकर पारी घोषित की।
लैथम ने 137 रन की कप्तानी पारी खेली, जबकि डेवोन कॉन्वे ने शानदार 227 रन बनाए। कॉन्वे का यह दोहरा शतक उनके टेस्ट करियर का यादगार पल रहा और इसी के साथ उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में एक नया रिकॉर्ड भी कायम किया।
पहली पारी में वेस्टइंडीज ने संघर्ष जरूर किया, लेकिन न्यूजीलैंड के विशाल स्कोर के सामने वे दबाव में दिखे। टीम 420 रन ही बना सकी। क्वेम हॉज ने शतक लगाकर टीम को संभालने की कोशिश की, लेकिन अन्य बल्लेबाजों से उन्हें अपेक्षित सहयोग नहीं मिल पाया।
दूसरी पारी में न्यूजीलैंड ने फिर से अपने ओपनिंग बल्लेबाजों के दम पर मैच पर पकड़ और मजबूत कर ली। टीम ने 306 रन बनाए और एक बार फिर पारी घोषित कर दी।
इस पारी में भी कप्तान टॉम लैथम ने 101 रन और डेवोन कॉन्वे ने 100 रन की शतकीय पारियां खेलीं, जिससे वेस्टइंडीज के सामने 462 रनों का बेहद कठिन लक्ष्य खड़ा हो गया। लक्ष्य का पीछा करने उतरी वेस्टइंडीज की टीम दूसरी पारी में पूरी तरह बिखर गई और सिर्फ 138 रन पर ढेर हो गई।
न्यूजीलैंड के गेंदबाजों ने सटीक लाइन-लेंथ के साथ लगातार विकेट झटके। जैकब डफी ने पांच विकेट लेकर मैच को एकतरफा बना दिया। वहीं, एजाज पटेल ने भी शानदार गेंदबाजी करते हुए तीन विकेट हासिल किए।
मैच की सबसे खास बात रही डेवोन कॉन्वे का एक ही टेस्ट में दोहरा शतक और शतक लगाना, जबकि टॉम लैथम ने दोनों पारियों में शतक जमाकर कप्तानी उदाहरण पेश किया।
कॉन्वे को उनके शानदार प्रदर्शन के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। वेस्टइंडीज की ओर से क्वेम हॉज का शतक ही एकमात्र बड़ी उपलब्धि रहा।
पूरी सीरीज में न्यूजीलैंड के गेंदबाजों ने अहम मौकों पर विकेट लेकर टीम को मजबूती दी। लगातार दो टेस्ट जीतकर मेजबान टीम ने सीरीज पर कब्जा जमाया। शानदार और निरंतर प्रदर्शन के लिए जैकब डफी को प्लेयर ऑफ द सीरीज घोषित किया गया।



