चौथा टी20 रद्द होने के बहाने बीसीसीआई की रोटेशन नीति कटघरे में
भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच बुधवार को प्रस्तावित चौथा टी20 बिना एक भी गेंद फेंके रद्द हो गया, लेकिन यह सिर्फ एक मैच का रद्द होना नहीं था।
इस घटना ने बीसीसीआई की आयोजन स्थलों को लेकर रणनीति, खिलाड़ियों के स्वास्थ्य और सर्दियों में उत्तर भारत में मैच कराने की नीति पर गंभीर बहस छेड़ दी है।
आधिकारिक तौर पर मैच को ‘अत्यधिक कोहरे’ के कारण रद्द किया गया, लेकिन जमीनी सच्चाई यह थी कि लखनऊ के इकाना स्टेडियम पर प्रदूषण और कोहरे की मोटी चादर छाई हुई थी।
बुधवार को शहर का AQI 400 के पार, यानी खतरनाक श्रेणी में दर्ज किया गया था। ऐसे हालात में खिलाड़ियों के कल्याण को लेकर बीसीसीआई की प्रतिबद्धता पर सवाल उठना स्वाभाविक था।
शाम सात बजे शुरू होने वाला मुकाबला लगातार छह निरीक्षणों के बाद रात साढ़े नौ बजे रद्द किया गया। हालांकि यह फैसला केवल औपचारिकता भर था, क्योंकि जैसे-जैसे रात बढ़ रही थी, दृश्यता और खराब होती जा रही थी।
खिलाड़ी शाम साढ़े सात बजे तक वार्म-अप पूरा कर ड्रेसिंग रूम लौट चुके थे और ठंड के कारण दर्शकों की भीड़ भी रात नौ बजे तक छंटने लगी थी।
इसी मुद्दे पर गुरुवार को संसद परिसर में एक दिलचस्प दृश्य देखने को मिला। सांसद शशि थरूर ने मीडिया के सामने ही बीसीसीआई के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला के समक्ष यह विषय उठा दिया। थरूर ने सर्दियों में उत्तर भारत की जगह केरल जैसे राज्यों में मैच कराने का सुझाव दिया।
थरूर ने कहा, “राजीव जी, मैं यही कह रहा था कि जनवरी में नॉर्थ इंडिया में मैच शेड्यूल करने के बजाय आइए केरल।” इस पर राजीव शुक्ला ने जवाब दिया, “नहीं नहीं, केरल की बात नहीं है। शेड्यूलिंग पर ध्यान देना पड़ेगा कि 15 दिसंबर से 15 जनवरी तक मैच कैसे हों… आगे ध्यान रखेंगे। केरल को तो मिलते हैं। यह रोटेशन पॉलिसी है।”
थरूर ने जब 15 दिसंबर से 15 जनवरी के मौसम का हवाला दिया तो शुक्ला का जवाब था, “लेकिन सारी जगह के मैच केरल में थोड़ी न शिफ्ट कर देंगे।” इस पर थरूर ने चुटकी लेते हुए कहा कि “यही अच्छा होगा न।”
मैच रद्द होने के बाद अब दोनों टीमें बिना किसी रिजर्व डे के सीधे अहमदाबाद जाएंगी, जहां शुक्रवार को अंतिम टी20 अंतरराष्ट्रीय खेला जाएगा। भारत इस समय श्रृंखला में 2-1 से आगे है।
एक समाचार एजेंसी के अनुसार, बीसीसीआई आयोजन स्थलों के चयन में रोटेशन नीति का पालन करता है, लेकिन बोर्ड 11 जनवरी से न्यूजीलैंड के खिलाफ शुरू होने वाली सीमित ओवरों की श्रृंखला से पहले स्थल बदलने पर विचार कर सकता था।
दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पूरी श्रृंखला के लिए नवंबर और दिसंबर में न्यू चंडीगढ़, धर्मशाला, लखनऊ, रांची, रायपुर, विशाखापत्तनम, कटक, अहमदाबाद, गुवाहाटी और कोलकाता को आयोजन स्थल चुना गया था। यही वह समय होता है जब लखनऊ, न्यू चंडीगढ़ और धर्मशाला जैसे शहरों में प्रदूषण का स्तर आमतौर पर सबसे खराब रहता है।
इसके उलट भारतीय टीम न्यूजीलैंड के खिलाफ पश्चिमी और दक्षिणी भारत के स्थलों पर खेलेगी। यह मैच वडोदरा, राजकोट, इंदौर, नागपुर, रायपुर, विशाखापत्तनम और तिरुवनंतपुरम में होंगे। पूरी श्रृंखला में केवल एक मैच पूर्वोत्तर शहर गुवाहाटी को दिया गया है।
पिछले वर्षों के अनुभव बताते हैं कि उत्तर क्षेत्र के अधिकांश आयोजन स्थल सर्दियों के महीनों में कोहरे और खराब मौसम से प्रभावित होते रहे हैं।



