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अमेरिका बंद करने जा रहा वीजा से जुड़ा ये नियम, जानें क्या होगा भारतीय छात्रों पर इसका असर?

US Dropbox Visa Program: अमेरिका की सत्ता में ट्रंप की वापसी के साथ ही देश में कई बदलाव देखने को मिले हैं. जिसमें अवैध प्रवासियों को अमेरिका से बाहर निकालना और दुनियाभर के देशों पर भारी भरकम आयात शुल्क लगाना शामिल है. अब ट्रंप प्रशासन अपने वीजा प्रोग्राम में भी एक बड़ा बदलाव करने जा रहा है. जिसके तहत अगले महीने से अमेरिका अपने ड्रॉपबॉक्स वीजा प्रोग्राम को खत्म कर देगा.

20 सितंबर 2025 से बंद होने जा रहे ड्रॉपबॉक्स वीजा प्रोग्राम को इंटरव्यू वेवर प्रोग्राम भी कहा जाता है. जिसे दुनियाभर के प्रवासियों के साथ अमेरिका में पढ़ने गए छात्रों के लिए काफी सुविधाजनक माना जाता है. इस वीजा प्रोग्राम के बंद होने के बाद छात्र और अमेरिका में रह से प्रवासियों की परेशानियां बढ़ जाएंगी. क्योंकि वर्तमान में चल रहे ड्रॉपबॉक्स वीजा कार्यक्रम के तहत प्रवासियों और छात्रों को इंटरव्यू से छूट मिलती थी और उनका वीजा बिना इंटरव्यू के रिन्यूअल हो जाता था.

ड्रॉपबॉक्स वीजा के ये थे फायदे
बता दें कि ड्रॉपबॉक्स वीजा कार्यक्रम के तहत प्रवासियों और छात्रों को इंटरव्यू से बचने के साथ ही डेजिगनेटेड स्थान पर अपने दस्तावेज जमा करने की सुविधा मिलती थी. इस प्रोग्राम के तहत उन लोगों को काफी फायदा मिलता था जिन्होंने पहले कोई गलती नहीं की थी. लेकिन ट्रंप प्रशासन प्रवासियों को फायदा देने वाले इस शॉर्टकट को बंद करने जा रहा है.

पिछले महीने की गई थी घोषणा
बता दें कि ड्रॉपबॉक्स वीजा प्रोग्राम को बंद करने की घोषणा जुलाई में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के व्यापक ‘वन बिग ब्यूटीफुल बिल एक्ट’ के हिस्से के रूप में की गई थी. इस बिल पर 4 जुलाई को हस्ताक्षर किए गए थे. इसे लेकर अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि यह सुरक्षा बढ़ाने और स्क्रीनिंग को और कड़ा करने की प्रक्रिया है. ट्रंप प्रशासन के इस फैसले का असर भारतीयों पर भी पड़ेगा.

बता दें कि ड्रॉपबॉक्स वीजा के खत्म होने के बाद H-1B, H-4, L1, F, M, O1, J आदि कैटेगरी के वीज़ा रिन्यूअल के लिए इंटरव्यू में मिलने वाली अधिकांश छूट को खत्म कर दिया जाएगा. साथ ही इसके तहत 14 साल से कम उम्र के बच्चे और 79 साल से अधिक उम्र के लोग भी वीजा के लिए आवेदन नहीं कर पाएंगे. वहीं वीजा के लिए उन्हें एक कांसुलर अधिकारी के सामने पेश होना पड़ेगा. हालांकि इसमें राजनयिक या आधिकारिक वीज़ा (A, G, NATO, TECRO) को पहले की तरह ही छूट मिलती रहेगा.

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