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सुप्रीम कोर्ट का बड़ा कदम: जनता के खर्च पर दलबदल के खिलाफ केंद्र और चुनाव आयोग को नोटिस

Poonam Kumari
October 27, 2026
2 min read
सुप्रीम कोर्ट का बड़ा कदम: जनता के खर्च पर दलबदल के खिलाफ केंद्र और चुनाव आयोग को नोटिस

विवेक ओझा

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार (26 अक्टूबर, 2026) को उस जनहित याचिका पर केंद्र सरकार और चुनाव आयोग (ECI) से जवाब मांगा है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि विधायक अपने मतदाताओं को छोड़कर, इस्तीफा देकर और दलबदल करके सार्वजनिक खजाने के पैसे से उपचुनाव लड़ते हैं। यह याचिका लोकतांत्रिक व्यवस्था में विधायकों की जवाबदेही और जनता के विश्वास को लेकर एक अहम सवाल उठाती है।

याचिका में क्या कहा गया?

मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्या कांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने अधिवक्ता के. सुथान द्वारा दायर इस याचिका पर संज्ञान लेते हुए केंद्र और चुनाव आयोग को औपचारिक नोटिस जारी किया है। याचिका में यह तर्क दिया गया है कि जब कोई सदस्य किसी मजबूरी के बिना, सिर्फ पक्ष बदलने के लिए कुछ ही हफ्तों के भीतर अपनी सीट छोड़ देता है, तो वह केवल एक सीट नहीं छोड़ता, बल्कि वह उस विश्वास को तोड़ता है जिस पर प्रतिनिधि लोकतंत्र टिका हुआ है।

जनहित से जुड़ा मुद्दा

यह याचिका ऐसे समय में आई है जब राजनीतिक दलों में दलबदल और बार-बार होने वाले उपचुनावों को लेकर सवाल उठते रहे हैं। याचिकाकर्ता का तर्क है कि विधायकों का इस तरह से सीट छोड़ना और नई पार्टी से उपचुनाव लड़ना सरकारी खजाने पर भारी बोझ डालता है। इसके अलावा, यह मतदाताओं के उस जनादेश का भी अपमान है, जिसके आधार पर उन्हें चुना गया था।

क्या है अगली प्रक्रिया?

सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में केंद्र और चुनाव आयोग से जवाब मांगा है। माना जा रहा है कि अदालत इस मुद्दे पर विस्तृत सुनवाई करेगी और यह देखेगी कि क्या मौजूदा कानूनों में बदलाव की जरूरत है, ताकि इस तरह के राजनीतिक दलबदल और सार्वजनिक खर्च पर लगाम लगाई जा सके।

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