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सुप्रीम कोर्ट का बड़ा आश्वासन: महाराष्ट्र SIR में नाम कटे वोटरों पर फॉर्म 6 भरने पर नहीं होगी कार्रवाई

Poonam Kumari
October 27, 2026
2 min read
सुप्रीम कोर्ट का बड़ा आश्वासन: महाराष्ट्र SIR में नाम कटे वोटरों पर फॉर्म 6 भरने पर नहीं होगी कार्रवाई

राघवेंद्र प्रताप सिंह

नई दिल्ली: महाराष्ट्र में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार (26 अक्टूबर, 2026) को बड़ा राहत देते हुए स्पष्ट किया है कि जिन लोगों के नाम कटे हैं, उन्हें दोबारा पंजीकरण के लिए फॉर्म 6 भरने पर किसी भी तरह की कानूनी कार्रवाई का सामना नहीं करना पड़ेगा। मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्या कांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने यह मौखिक आश्वासन दिया।

मामला क्या है?

यह मामला महाराष्ट्र में SIR प्रक्रिया के दौरान हजारों मतदाताओं के नाम हटाए जाने से जुड़ा है। याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अरविंद दातार ने अदालत को बताया कि मुंबई और पुणे में बड़े पैमाने पर पुनर्विकास परियोजनाओं के चलते हजारों निवासी अपने पुराने घरों से विस्थापित हुए हैं, जिसके कारण उन्हें SIR में अनुपस्थित मानकर मतदाता सूची से हटा दिया गया। उन्होंने यह भी तर्क दिया कि इन मतदाताओं को फॉर्म 6 (नए मतदाता के रूप में पंजीकरण) भरने के लिए मजबूर किया जा रहा है। दातार ने चेताया कि पहले से मौजूद मतदाताओं का खुद को नया मतदाता बताना एक अपराध है, जिस पर मुकदमा चल सकता है।

सीजेआई का आश्वासन

इस पर मुख्य न्यायाधीश सूर्या कांत ने तुरंत हस्तक्षेप करते हुए कहा, "चिंता न करें, किसी पर भी मुकदमा नहीं चलेगा।" यह आश्वासन ऐसे समय में आया है जब अदालत ने इस मामले में तत्काल सुनवाई के लिए 5 नवंबर की तारीख तय की है।

याचिकाकर्ता की मांग

याचिकाकर्ता ने अदालत से अनुरोध किया है कि SIR में नाम कटे मतदाताओं के लिए एक अलग और विशेष फॉर्म जारी किया जाए, ताकि उन्हें नए मतदाता के रूप में पंजीकरण न करना पड़े। गौरतलब है कि 26 अक्टूबर को ड्राफ्ट मतदाता सूची पर दावे और आपत्तियां दर्ज करने की अंतिम तिथि थी, जिसके चलते याचिकाकर्ता ने जल्द सुनवाई की मांग की थी। सुप्रीम कोर्ट ने इस याचिका पर चुनाव आयोग को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है, लेकिन फिलहाल कोई तत्काल राहत नहीं दी है।

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