क्रिकेटरों के विरोध के बावजूद आईपीएल में एक साल और लागू रहेगा इम्पैक्ट प्लेयर नियम
आईपीएल में एक ऐसा नियम लागू किया गया था, जिसे फैंस ने बहुत पसंद किया, लेकिन तमाम क्रिकेटर, कप्तान और कोचों ने इस पर आपत्ति जताई। हैरानी की बात यह है कि 2023 में लागू हुए इस नियम को एक और साल तक जीवित रखा जाएगा।

आईपीएल में एक ऐसा नियम लागू किया गया था, जिसे फैंस ने बहुत पसंद किया, लेकिन तमाम क्रिकेटर, कप्तान और कोचों ने इस पर आपत्ति जताई। हैरानी की बात यह है कि 2023 में लागू हुए इस नियम को एक और साल तक जीवित रखा जाएगा।
ये कोई और नियम नहीं, बल्कि इम्पैक्ट प्लेयर रूल है, जिसकी आलोचना तमाम दिग्गज कर चुके हैं। आईपीएल में ही सबसे पहले इसे इंट्रोड्यूस किया गया था। इसके बाद इसे डोमेस्टिक लेवल पर टी20 लीग में अपनाया गया और कुछ और देशों की टी20 लीग में भी यह नियम लागू हो रहा है। हालांकि, यह अब ज्यादा दिन तक जीवित रहने वाला नहीं है।
आईपीएल 2027 में तो इम्पैक्ट प्लेयर रूल लागू रहेगा, लेकिन इसके बाद इसे स्क्रैप किया जा सकता है, क्योंकि इस तरह का नियम इंटरनेशनल क्रिकेट में लागू नहीं हैं और तमाम अन्य क्रिकेट बोर्ड भी इसके पक्ष में नहीं हैं, क्योंकि क्रिकेट 11 खिलाड़ियों वाला गेम है, जिसमें 12वें खिलाड़ी के लिए कोई जगह नहीं है।
सब्स्टीट्यूट प्लेयर सिर्फ फील्डिंग कर सकता है, न कि बल्लेबाज और गेंदबाजी। अभी के लिए इस नियम को इसलिए रखा जा रहा है, क्योंकि मेगा ऑक्शन में उस तरह की टीमें सभी फ्रेंचाइजियों ने बनाई थीं। अब मिनी ऑक्शन में भी इम्पैक्ट प्लेयर रूल के हिसाब से टीमें खिलाड़ी चुनेंगी।
फ्रेंचाइजी को कोई ऑफिशियल जानकारी आईपीएल की ओर से नहीं दी गई है, लेकिन हिन्दुस्तान टाइम्स को पता चला है कि अगले महीने के प्लेयर ऑक्शन के लिए उनकी चल रही ट्रेड बातचीत और आगे की प्लानिंग इस समझ पर आधारित है कि इम्पैक्ट प्लेयर नियम आईपीएल 2027 तक बना रहेगा।
एक आईपीएल अधिकारी ने एक अंग्रेजी अखबार को बताया, "अगला एडिशन मेगा ऑक्शन साइकिल से पहले आखिरी होगा और अभी नियम बदलना टीमों के लिए बहुत देर हो जाएगी। ऐसा लगता नहीं है कि कोई बदलाव होगा।"
आपको बता दें, इसी साल अगस्त में आईपीएल के आयोजकों ने इम्पैक्ट प्लेयर के बारे में फ्रेंचाइजियों से राय मांगी थी। एक आईपीएल टीम अधिकारी ने कहा, "कम से कम चार टीमों ने आईपीएल को बताया था कि इतनी देर से नियम वापस लेने से उनकी स्ट्रेटेजी पर काफी असर पड़ेगा।"
यही कारण है कि एक और साल इम्पैक्ट प्लेयर रूल रहेगा, लेकिन 2028 में होने वाले मेगा ऑक्शन से पहले इसे हटाया जा सकता है, क्योंकि इससे मनोरंजन तो होगा, लेकिन क्रिकेट के सदियों पुराने इतिहास में यह अच्छा नियम नहीं है।
हालांकि, एक बात जरूर है कि इस नियम के जाने से उन स्टार खिलाड़ियों को दिक्कत होगी, जो पूरी तरह फिट नहीं होने पर सिर्फ बल्लेबाजी के लिए उतरते थे। रोहित शर्मा और संजू सैमसन समेत कई खिलाड़ियों ने ऐसा किया था।
एमएस धोनी के भी पिछले साल इम्पैक्ट प्लेयर के रूप में खेलने की संभावना थी, लेकिन वे अंत तक फिट नहीं हुए थे। धोनी तो हमेशा यही चाहते हैं कि अगर वे फिट हैं तो 20 ओवर विकेट के पीछे रहना पसंद करेंगे।
सम्बंधित ख़बरें
आईएफएल में शुक्रवार को डबल हेडर, बेंगलुरु में एफसी बेंगलुरु यूनाइटेड का पहला घरेलू मुकाबला
इंडियन फुटबॉल लीग (आईएफएल) 2026-27 सीज़न का मैचवीक2 शुक्रवार, 6 नवंबर 2026 को जारी रहेगा, जिसमें दो रोमांचक मुकाबले खेले जाएंगे। पहला मैच कर्नाटक में एक ऐतिहासिक घरेलू पदार्पण होगा, जबकि दूसरा मुकाबला मेघालय में सर्व-पूर्वोत्तर भिड़ंत के रूप में खेला जाएगा।
यूपी के शतकों का कमाल, बड़ौदा के खिलाफ पहली पारी की बढ़त से मिले तीन अंक
उत्तर प्रदेश ने गुरुवार को यहां रणजी ट्रॉफी ग्रुप ए का मुकाबला ड्रॉ होने के बाद पहली पारी में बढ़त के आधार पर तीन अंक हासिल किए जबकि बड़ौदा को एक अंक से संतोष करना पड़ा।
सुहैल भट के दो गोल से चमका भारत, पाकिस्तान को 3-2 से हराकर सैफ चैंपियनशिप में किया विजयी आगाज
गत विजेता भारतीय फुटबॉल टीम ने सैफ चैंपियनशिप 2026 में जीत के साथ अपने अभियान का शुरुआत की है।
यूपी भाजपा खेल प्रकोष्ठ के सह संयोजक जसपाल सिंह का हुआ सम्मान
खेलों के विकास और खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने की दिशा में लंबे समय से सक्रिय सरदार जसपाल सिंह को उत्तर प्रदेश भारतीय जनता पार्टी के खेल प्रकोष्ठ में सह-संयोजक की जिम्मेदारी मिलने पर सम्मानित किया गया।
