आईएसएल स्थगन पर खिलाड़ियों की भावुक अपील: “हम तैयार हैं, बस अवसर चाहिए”
भारतीय फुटबॉल खिलाड़ी मंगलवार को एकजुट होकर एक भावनात्मक संदेश जारी किया, जिसमें उन्होंने प्रशासकों से इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) का नया सत्र जल्द शुरू करने की अपील की।
खिलाड़ियों ने कहा कि वर्षों की मेहनत और त्याग के बाद अब उनका धैर्य थक चुका है और अनिश्चितता ने उनकी पेशेवर और व्यक्तिगत ज़िंदगी दोनों पर गहरा असर डाला है।
स्टार डिफेंडर संदेश झिंगन ने अपने सोशल मीडिया वीडियो में कहा, ‘‘यह सिर्फ एक खेल की बात नहीं है। हमारी पूरी जिंदगी, हमारे सपने, हमारा काम—सब कुछ रुका हुआ है। कोच, टीम स्टाफ, और हम खिलाड़ियों ने अपने लक्ष्य के लिए जो तैयारी की है, वह अधूरी रह गई है।’’

गोलकीपर गुरप्रीत वालिया समेत कई राष्ट्रीय टीम के खिलाड़ियों ने भी अपनी निराशा साझा की। उनका कहना है कि यह स्थगन न केवल पेशेवर करियर बल्कि उनके परिवार और प्रशंसकों की उम्मीदों पर भी भारी पड़ रहा है। खिलाड़ियों ने बयान में कहा, ‘‘हम इंडियन सुपर लीग में खेलने वाले पेशेवर खिलाड़ी एकजुट हैं। हम खेलना चाहते हैं, हम तैयार हैं।
हमारी भावनाओं में अब गुस्सा या हताशा नहीं—सिर्फ व्याकुलता और बेचैनी है।’’ उन्होंने प्रशासन से अनुरोध किया कि मौजूदा संकट का समाधान तुरंत निकाला जाए, क्योंकि इस अस्थिरता ने कई शीर्ष क्लबों को भी अपने प्रशिक्षण सत्र रोकने के लिए मजबूर कर दिया है।
बयान में कहा गया, ‘‘हम देश के खेल तंत्र से अपील करते हैं कि वह हमारे खेल को फिर से चलाने की दिशा में कदम उठाएँ। भारत को प्रतिस्पर्धी फुटबॉल की पहले से कहीं अधिक ज़रूरत है। हम प्रतिबद्ध हैं, पेशेवर हैं, और जैसे ही अवसर मिलेगा, मैदान पर उतरने के लिए तैयार हैं।’’
खिलाड़ियों ने इसे व्यक्तिगत और पेशेवर दोनों दृष्टिकोण से एक अल्टीमेट अपील बताया: ‘‘हमने लंबे समय तक अंधेरी सुरंग में कदम रखा हुआ है। अब हमें सिर्फ थोड़ी रोशनी चाहिए—हमारी मेहनत, हमारी उम्मीद, और हमारी खेल की आत्मा को जीवित रखने के लिए।’’



