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बी. सुदर्शन रेड्डी को नक्सल समर्थक कहना गलत : भूपेश बघेल

नई दिल्ली : भारत के उपराष्ट्रपति पद के लिए इंडिया अलायंस के प्रत्याशी पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज न्यायमूर्ति बी. सुदर्शन रेड्डी को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा नक्सल समर्थक बताए जाने पर राजनीतिक विवाद गहरा गया है।

इस आरोप का जवाब देते हुए छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता भूपेश बघेल ने भाजपा पर तीखा हमला बोला।

भूपेश बघेल ने भाजपा के आरोपों को आधारहीन करार देते हुए सवाल उठाया कि पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, जिन्होंने पिछले महीने स्वास्थ्य कारणों से इस्तीफा दिया, आखिर कहां हैं?

बघेल ने कहा, धनखड़ साहब का इस्तीफा नहीं लिया होता तो भाजपा को यह कहने का मौका नहीं मिलता। वह देश के दूसरे नंबर के नागरिक हैं, लेकिन एक महीने से ज्यादा हो गया, उनकी कोई खबर नहीं। कोई हेल्थ बुलेटिन क्यों नहीं जारी हुई? उनका परिवार चुप क्यों है? पहले यह बताएं कि धनखड़ साहब को कहां छुपाया गया है?

भूपेश बघेल ने बी. सुदर्शन रेड्डी पर लगाए गए नक्सल समर्थक के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि किसी जज के फैसले का मतलब यह नहीं कि वह उस विचारधारा का समर्थक है।

उन्होंने तंज कसते हुए कहा, अगर कोई उपन्यासकार डाकू पर किताब लिखे या कवि डाकू पर कविता लिखे, तो क्या वह डाकू हो जाता है? रेड्डी ने संवैधानिक दायरे में फैसले लिए। भाजपा उस समय क्यों चुप थी? अगर उन्हें फैसला गलत लगा तो सुप्रीम कोर्ट की बड़ी बेंच में चुनौती क्यों नहीं दी?

बघेल ने गृह मंत्री अमित शाह पर भी निशाना साधते हुए कहा, जब वह गृह मंत्री बन सकते हैं, तो एक रिटायर्ड जज उपराष्ट्रपति क्यों नहीं बन सकता?

उन्होंने कहा, चुनाव आयोग की छवि दुनिया में धूमिल हुई है, चुनाव आयोग ने अपना सम्मान खो दिया है। राहुल गांधी सवाल पूछकर आपको आईना दिखा रहे थे, लेकिन वे उलटे आरोप लगाने लगे। इससे पता चलता है कि आप सत्ता में बैठे लोगों के दबाव में हैं। चुनाव आयोग का भाजपा की ओर झुकाव स्पष्ट है। सभी समझ गए हैं कि यह अब भारत का चुनाव आयोग नहीं रहा, यह भारतीय जनता पार्टी का आयोग बन गया है।

संविधान संशोधन बिल पर टीएमसी और समाजवादी पार्टी के जेपीसी में शामिल नहीं होने के रुख पर भूपेश बघेल ने कहा कि कांग्रेस का स्टैंड संसदीय दल और हाईकमान तय करेगा। मैं इस पर टिप्पणी करने के लिए अधिकृत नहीं हूं।

अमेरिका की ओर से भारत पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लगाए जाने पर भूपेश बघेल ने सरकार से सवाल किया कि रूस से तेल खरीद की जरूरत कितनी है और कितना तेल रिफाइन कर यूरोप को बेचा जा रहा है।

उन्होंने कहा, अगर हम अपनी जरूरत के लिए तेल खरीदते, तो टैरिफ नहीं लगता। लेकिन, देश के उद्योगपतियों की कंपनी इसे रिफाइन कर मुनाफा कमा रही है, और टैरिफ का बोझ देश की जनता पर पड़ रहा है।

दिल्ली के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री सौरभ भारद्वाज के घर पर ईडी की छापेमारी पर भूपेश बघेल ने कहा कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है।

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