उप्र विधानसभा सत्र: आईआईटी कानपुर के विशेषज्ञों ने यूपी के विधायकों को दी एआई की ट्रेनिंग

राघवेन्द्र प्रताप सिंह/ लखनऊ: प्रदेश विधानसभा में रविवार को विधायकों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के बारे में प्रशिक्षित करने के लिए एक संक्षिप्त प्रशिक्षण सत्र का आयोजन किया गया। कानपुर आईआईटी के विशेषज्ञों ने कार्यशाला के दौरान विस्तार से जानकारी दी।
इस कार्यशाला के दौरान विधायकों को कानूनी शोध, दस्तावेज़ जाँच और नीतियों के अध्ययन में मदद करने वाले स्मार्ट उपकरणों को आज़माने के लिए विशेष जानकारी दी गई।
एआई के प्रयोग से विधायकों को कानून बनाने, नए विधेयक बनाने, कानूनी समस्याओं का पता लगाने और प्रस्तावित कानूनों की तुलना अन्य राज्यों और देशों के समान कानूनों से करने में एआई का उपयोग करने में भी मदद मिलेगी।
इससे पहले 11 अगस्त से शुरू हो रहे राज्य विधानसभा के मानसून सत्र की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा के लिए बुलाई गई बैठक की अध्यक्षता की। विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने रविवार को एआई प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जाने की जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि आईआईटी कानपुर के विशेषज्ञों को विधायकों को एआई का प्रशिक्षण देने के लिए बुलाया गया था।लगभग दो घंटे प्रशिक्षण सत्र चला जिसमे विशेषज्ञों ने जानकारी साझा की।
महाना ने कहा कि राज्य विधानसभा का ऐप भी एआई पर आधारित होगा। प्रवेश द्वार पर सदस्यों को पहचानने और उनकी उपस्थिति दर्ज करने के अलावा, एआई सदस्यों को सदन में अपने भाषण के लिए उपयुक्त संदर्भ सामग्री खोजने में भी मदद करेगा।
विधानसभा अध्यक्ष ने बताया कि सदन की कार्यवाही का बैकअप भी एआई बैकअप से जुड़ा होगा और इससे सदस्यों को अपने भाषण या कार्यवाही से किसी भी मुद्दे पर अंश खोजने में मदद मिलेगी। सदस्य सदन में होने वाली महत्वपूर्ण बहसों को भी देख सकेंगे।



