Trending

ब्लूरिबैंड म्यूनिख वर्ल्ड कप के लिए 22 सदस्यीय भारतीय टीम घोषित

नई दिल्ली : 24 से 31 मई 2026 तक जर्मनी के म्यूनिख में आयोजित होने वाले इंटरनेशनल शूटिंग स्पोर्ट फेडरेशन (आईएसएसएफ) वर्ल्ड कप राइफल/पिस्टल में भारत की 22 सदस्यीय टीम हिस्सा लेगी। शूटिंग जगत में इस प्रतियोगिता को पारंपरिक रूप से “ब्लूरिबैंड” वार्षिक आयोजन माना जाता है।

एनआरएआई चयन समिति द्वारा घोषित टीम  में दो बार की ओलंपिक पदक विजेता मनुभाकर और साथी ओलंपियन एवं विश्व चैंपियनशिप पदक विजेता ईशा सिंह ऐसी एकमात्र भारतीय निशानेबाज़ होंगी, जो दो व्यक्तिगत पिस्टल स्पर्धाओं में उतरेंगी। मनु इसके अलावा मिक्स्ड टीम पिस्टल स्पर्धा में भी भाग लेंगी।

भारतीय टीम में अनुभव और युवा प्रतिभा का संतुलित मिश्रण है, लेकिन म्यूनिखमें उन्हें दुनिया के शीर्ष राइफल और पिस्टल निशानेबाज़ों से कड़ी चुनौती मिलेगी, जो हर साल इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में हिस्सा लेने पहुंचते हैं। जर्मनी की प्रतिष्ठित ओलंपियाशीसानलागेरेंज में पहली प्रतियोगिताएं मंगलवार, 26 मई से शुरू होंगी।

सबसे पहले महिलाओं की 25 मीटर पिस्टल प्रिसीजन स्टेज का आयोजन होगा। इसके साथ ही पुरुषों की 10 मीटर एयर पिस्टल क्वालिफिकेशन और महिलाओं की 50 मीटर राइफल थ्री पोजीशंस एलिमिनेशन राउंड भी शुरू होंगे।इसके बाद पुरुषों की 10 मीटर एयर राइफल क्वालिफिकेशन होगी। पहले दिन पुरुषों की 10 मीटर एयर पिस्टल और 10 मीटर एयर राइफल के फाइनल भी खेले जाएंगे।

म्यूनिख वर्ल्ड कप में 80 देशों के कुल 696 खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं, जिनमें कई ओलंपिक और विश्व चैंपियन शामिल हैं। सभी खिलाड़ी आगामी बहु-खेल आयोजनों और साल के अंत में होने वाली शूटिंग विश्वचैंपियनशिप से पहले अपनी तैयारी, हथियारों, गोला-बारूद और सटीकता को परखेंगे।

© Adimazes

यह साल का दूसरा राइफल/पिस्टल वर्ल्डकप होगा। अप्रैल में ग्रानाडावर्ल्डकप में भारत ने एक स्वर्ण पदक जीता था।उस टीम में घरेलू रैंकिंग में तीसरे से छठे स्थान तक के निशानेबाज़ शामिल थे। म्यूनिख में इस साल पहली बार भारत के शीर्ष रैंकिंग वाले राइफल और पिस्टल निशानेबाज़ विदेशी धरती पर किसी बड़ी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में उतरेंगे।

अनुभव का दम

दो बार की ओलंपियन और पूर्व एशियाई खेल चैंपियन राही सरनोबत म्यूनिख में भारतीय दल की सबसे अनुभवी निशानेबाज़ होंगी। अन्य अनुभवी अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों में मौजूदा विश्व चैंपियन सम्राटराणा, पूर्व विश्व चैंपियन रुद्रांक्क्षपाटिल, विश्व चैंपियनशिप रजत पदक विजेता अनीश भनवाला और ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर, विश्व चैंपियनशिप कांस्य पदक विजेता एलावेनिलवलारिवन, वर्ल्ड कप फाइनल विजेता सुरुचिसिंह और मौजूदा म्यूनिख मिक्स्ड टीम चैंपियन अर्जुन बाबूता शामिल हैं।

युवा सितारे

भारतीय टीम के नए चेहरों में महाराष्ट्र के पुणे की 22 वर्षीय साक्षीपाडेकर एक प्रेरणादायक कहानी हैं। पिछले एक वर्ष में क्वालिफिकेशन राउंड्स में उनका प्रदर्शन शानदार रहा है, जिसमें उन्होंने कम से कम दो बार 634 का स्कोर किया।

इसके अलावा दो अन्य मौकों पर उन्होंने 632 से अधिक अंक हासिल किए। इस साल उन्होंने एलावेनिलवलारिवन को पछाड़ते हुए ट्रायल जीतने के दौरान महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल फाइनल्स का राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी तोड़ा। वह खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स की चैंपियन भी हैं।

सूरज शर्मा, भारतीय डेब्यू करने वाले खिलाड़ियों में सबसे युवा हैं और उनकी उम्र केवल 18 वर्ष है। एम.पी. शूटिंग अकादमी के इस प्रतिभाशाली निशानेबाज़ के पिता बीएसएफ शहीद थे। जूनियर स्तर से लेकर देश के सबसे होनहार पिस्टल निशानेबाज़ों में जगह बनाने तक उनका सफर बेहद शानदार रहा है। सूरज जूनियर विश्व चैंपियन रह चुके हैं और वर्तमान एशियाई चैंपियन भी हैं। उन्होंने इस साल ट्रायल्स में 558 का सर्वश्रेष्ठ स्कोर दर्ज किया।

अजेंद्र सिंह चौहान 23 वर्षीय सेना के निशानेबाज़ हैं, जिन्होंने घरेलू सर्किट में शानदार प्रदर्शन के दम पर टीम में जगह बनाई। उन्होंने इस साल ट्रायल्स में 588 का सर्वोच्च स्कोर किया। उधय वीर सिद्धू, ओलंपियन विजयवीर सिद्धू के जुड़वां भाई हैं।

23 वर्षीय उधयवीरगैर-ओलंपिक स्पर्धाओं में तीन बार जूनियर विश्व चैंपियन रह चुके हैं और म्यूनिख में पुरुषों की 25 मीटर रैपिड फायर पिस्टल में भारत के लिए अपना ओलंपिक स्पर्धा डेब्यू करेंगे। पंजाब के इस निशानेबाज़ ने ट्रायल्स में 585 का स्कोर कर अपने भाई विजयवीर को पीछे छोड़ते हुए म्यूनिख टीम में जगह बनाई।

Related Articles

Back to top button