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उत्तर प्रदेश के आयुष अस्पताल बनेंगे रिसर्च-ओरिएंटेड

राघवेंद्र प्रताप सिंह: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार स्वास्थ्य सुविधाओं को सभी के लिए सर्वसुलभ बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आयुष चिकित्सा पद्धतियों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाने जा रहे हैं। अब उत्तर प्रदेश के आयुष अस्पताल केवल इलाज तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि रिसर्च सेंटर हब के रूप में विकसित किए जाएंगे। इसके लिए सेंट्रल रिसर्च सेंटर के साथ एमओयू की प्रक्रिया चल रही है।
इस पहल के तहत कैंसर, डायबिटीज, हृदय रोग समेत कई गंभीर और जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों पर आयुष चिकित्सा पद्धतियों से शोध किया जाएगा। इसका उद्देश्य आयुष आधारित उपचारों की वैज्ञानिक प्रमाणिकता स्थापित करना और उन्हें राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता दिलाना है।

प्रमुख सचिव आयुष रंजन कुमार ने बताया कि सीएम योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में आयुर्वेद, योग, यूनानी और होम्योपैथी को स्वास्थ्य प्रणाली की मुख्यधारा में जोड़ने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। चयनित आयुष अस्पतालों को रिसर्च-ओरिएंटेड सेंटर के रूप में विकसित करने के लिए मंथन किया जा रहा है।

रिसर्च का मुख्य फोकस उन बीमारियों पर होगा, जिनका बोझ तेजी से बढ़ रहा है, जैसे कि उच्च रक्तचाप, मोटापा, थायरॉइड, हृदय रोग, जोड़ों के रोग और मानसिक स्वास्थ्य। इसके अलावा रिसर्च के निष्कर्षों के आधार पर स्टैंडर्ड ट्रीटमेंट प्रोटोकॉल तैयार किए जाएंगे, जिन्हें देश-विदेश में अपनाया जा सकेगा।

प्रमुख सचिव ने बताया कि इससे न केवल प्रदेश के चिकित्सकों और शोधकर्ताओं को नई पहचान मिलेगी, बल्कि आयुष क्षेत्र में रोजगार और शोध के अवसर भी पैदा होंगे। इसके साथ ही आयुष कॉलेजों के छात्रों को प्रैक्टिकल रिसर्च का अनुभव मिलेगा, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता भी बढ़ेगी। योगी सरकार की यह पहल प्रदेश को समग्र स्वास्थ्य मॉडल स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगी, जहां आधुनिक चिकित्सा और पारंपरिक ज्ञान का संतुलित उपयोग होगा।

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