‘द वॉल’ राहुल द्रविड़: 53 साल की मजबूती, अनुशासन और नेतृत्व
क्रिकेट जगत में ‘द वॉल’ के नाम से पहचान बनाने वाले राहुल द्रविड़ आज अपना 53वां जन्मदिन मना रहे हैं। 11 जनवरी 1973 को मध्य प्रदेश के इंदौर में जन्मे द्रविड़ ने भारतीय क्रिकेट को न सिर्फ मैदान पर मजबूती दी, बल्कि नेतृत्व और मार्गदर्शन से भी नई दिशा दिखाई।
टीम इंडिया के कप्तान के रूप में उन्होंने जिम्मेदारी निभाई और बाद में राष्ट्रीय टीम के कोच बनकर अपने अनुभव और सोच से अगली पीढ़ी को संवारने का काम किया।
पूर्व दिग्गज बल्लेबाज राहुल द्रविड़ के नाम भारत के लिए सबसे ज्यादा देशों में टेस्ट शतक लगाने का रिकॉर्ड दर्ज है। उन्होंने 10 अलग-अलग देशों शतक जमाए। उनके बाद सचिन तेंदुलकर (9) हैं।
द्रविड़ टेस्ट में संयुक्त रूप से सबसे ज्यादा बार नर्वस नाइंटीज का शिकार हुए। उनके साथ 286 पारियों में कुल 10 बार ऐसा हुआ। पूर्व ऑस्ट्रेलिया क्रिकेटर स्टीव वॉ 260 पारियों में 10 जबकि सचिन 320 पारियों में इतनी बार नर्वस नाइंटीज का शिकार हुए।

राहुल द्रविड़ इंटरनेशनल क्रिकेट में बतौर फील्डर में दूसरे सबसे ज्यादा कैच लेने वाले भारतीय हैं। उन्होंने करियर में 509 मैचों में कुल 334 कैच लपके गए। उनसे आगे विराट कोहली हैं। कोहली अभी तक 556 मुकबलों में 342 कैच पकड़ चुके हैं।
द्रविड़ टेस्ट में 700 प्लस घंटे बल्लेबाजी करने वाले इकलौते हैं। उन्होंने 736 घंटे बैटिंग की। महान सचिन इस लिस्ट में दूसरे नंबर पर हैं। सचिन ने 688 घंटे बैटिंग की। उनके बाद साउथ अफ्रीका के पूर्व दिग्गज ऑलराउंडर जैक्स कैलिस (640 घंटे) हैं।
द्रविड़ के नाम इंटरनेशनल क्रिकेट में शून्य पर आउट हुए बगैर लगातार सबसे ज्यादा पारियां का वर्ल्ड रिकॉर्ड भी दर्ज है। उन्होंने ऐसी 173 पारियां खेलीं। उनके बाद सचिन (136) और इंग्लैंड के एलेक स्टीवर्ट (135) हैं।



