पूर्व विश्व चैंपियन और राष्ट्रीय कोच मनोज कोठारी का दिल का दौरा पड़ने से निधन
भारतीय बिलियर्ड्स को तीन दशकों से अधिक समय तक दिशा देने वाले पूर्व विश्व चैंपियन और राष्ट्रीय टीम के मुख्य कोच मनोज कोठारी का सोमवार को तमिलनाडु के तिरुनेलवेली स्थित एक अस्पताल में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया।
परिवार के एक सदस्य ने यह जानकारी एक समाचार एजेंसी को दी। वह 67 वर्ष के थे। परिवार के अनुसार, कोठारी पिछले एक सप्ताह से अधिक समय से तिरुनेलवेली के एक अस्पताल में उपचाराधीन थे। सोमवार सुबह करीब 7.30 बजे उन्हें दिल का दौरा पड़ा।
उनका अंतिम संस्कार सोमवार शाम को तिरुनेलवेली के पास किया गया। उनके परिवार में पत्नी, पुत्र सौरव कोठारी (पूर्व विश्व चैंपियन) और बेटी श्रेया कोठारी हैं। खिलाड़ी के रूप में वैश्विक पहचान बनाने के बाद, कोठारी ने भारतीय बिलियर्ड्स को कोच और मार्गदर्शक के रूप में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया।
उन्होंने 1990 में आईबीएसएफ विश्व बिलियर्ड्स चैंपियनशिप जीतकर अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की साख को मजबूती दी। इसके बाद 1997 में विश्व युगल बिलियर्ड्स चैंपियनशिप जीतकर उन्होंने शीर्ष स्तर पर अपनी बहुमुखी प्रतिभा और लंबे समय तक टिके रहने की क्षमता का परिचय दिया।

2011 से उन्होंने भारतीय बिलियर्ड्स टीम के मुख्य कोच की जिम्मेदारी संभाली, जिसे उन्होंने एक दशक से अधिक समय तक निभाया।
इस अवधि में भारतीय खिलाड़ियों ने कई विश्व खिताब जीते और कई पीढ़ियों को अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में मार्गदर्शन मिला। कोच के रूप में उनका प्रभाव विशेष रूप से उनके बेटे सौरव कोठारी के करियर में दिखाई दिया, जो बिलियर्ड्स से जुड़े माहौल में पले-बढ़े।
मनोज कोठारी की भूमिका केवल एक पिता तक सीमित नहीं थी। वह सौरव के लिए तकनीकी कोच, रणनीतिकार और अनुशासक भी थे। इसी संतुलित मार्गदर्शन ने सौरव को संयम और धैर्य के साथ एक ऐसे खिलाड़ी के रूप में विकसित होने में मदद की, जो विश्व स्तर पर सफलता हासिल कर सका।
भारतीय खेल में उनके आजीवन योगदान को मान्यता देते हुए भारत सरकार ने 2005 में उन्हें ध्यानचंद पुरस्कार से सम्मानित किया। यह खेल में आजीवन उपलब्धि के लिए देश के सर्वोच्च सम्मानों में से एक है, जो उन्हें तत्कालीन राष्ट्रपति ए.पी.जे. अब्दुल कलाम द्वारा प्रदान किया गया था।
भारतीय बिलियर्ड्स एवं स्नूकर महासंघ ने कोठारी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। बीएसएफआई अध्यक्ष एस. बालासुब्रमण्यम ने कहा, “हम पूर्व विश्व बिलियर्ड्स चैंपियन और राष्ट्रीय मुख्य कोच मनोज कोठारी के निधन की खबर बड़े दुख के साथ साझा कर रहे हैं।
बीएसएफआई की ओर से मैं इस कठिन समय में उनके परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं। उनका निधन स्नूकर जगत के लिए एक बड़ी क्षति है।”
सौरव कोठारी ने भी अपने पिता के प्रभाव को खिताबों और ट्रॉफियों से कहीं व्यापक बताया। उन्होंने एक समाचार एजेंसी से कहा, “उनकी निस्वार्थ सेवा ने कई ऐसे खिलाड़ियों को जन्म दिया जो आगे चलकर चैंपियन बने।
वे एक जीवित किंवदंती थे, जिन्होंने अनेक लोगों को प्रेरित किया।” उन्होंने यह भी बताया कि परिवार मंगलवार को लौटेगा और कोलकाता में शोक सभा आयोजित की जाएगी।
कोलकाता के सौरव कोठारी ने 2025 में कई बार के विश्व चैंपियन पंकज आडवाणी को हराकर आईबीएसएफ विश्व बिलियर्ड्स चैंपियनशिप का खिताब जीता था। इससे पहले वह 2018 में डब्ल्यूबीएल के बैनर तले विश्व बिलियर्ड्स विजेता भी रह चुके हैं।



