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बीबीएल में मोहम्मद रिजवान का संघर्ष जारी, चार मैचों में नहीं दिखा असर

पाकिस्तान क्रिकेट के अनुभवी विकेटकीपर बल्लेबाज़ मोहम्मद रिजवान के लिए ऑस्ट्रेलिया की बिग बैश लीग खुद को दोबारा साबित करने का बड़ा मंच मानी जा रही थी।

यह पहला मौका था जब वे इस प्रतिष्ठित टी20 टूर्नामेंट में हिस्सा ले रहे थे। मगर अब तक का उनका प्रदर्शन उम्मीदों के बिल्कुल उलट रहा है।

मेलबर्न रेनेगेड्स ने रिजवान को बड़ी आस के साथ अपनी टीम में शामिल किया था, लेकिन चार मैच बीत जाने के बाद वे इन उम्मीदों पर खरे नहीं उतर पाए हैं।

बीबीएल में खेले गए 4 मुकाबलों में रिजवान का कुल स्कोर 60 रन तक भी नहीं पहुंच पाया है। चार पारियों में उन्होंने सिर्फ 58 रन बनाए हैं और उनका औसत साढ़े 14 का रहा है। इस टूर्नामेंट में उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर मात्र 32 रन है।

साभार : गूगल

दिलचस्प बात यह है कि रिजवान के साथ पाकिस्तान के ही स्टार बल्लेबाज़ बाबर आजम भी बीबीएल में खेल रहे हैं। बाबर ने शुरुआती चार मैचों में एक अर्धशतक जरूर लगाया है, लेकिन बाकी तीन मुकाबलों में वे भी फ्लॉप रहे हैं। इसके बावजूद तुलना में बाबर का प्रदर्शन रिजवान से बेहतर माना जा रहा है।

रिजवान की बल्लेबाज़ी को लेकर फैंस की नाराज़गी इसलिए भी बढ़ रही है क्योंकि वे टी20 फॉर्मेट में बेहद धीमी बल्लेबाज़ी करते नज़र आ रहे हैं। चौथे मुकाबले में इसका उदाहरण साफ दिखा, जब वे क्लीन बोल्ड होने से पहले सिर्फ 6 रन ही बना सके।

कुछ समय पहले तक यही मोहम्मद रिजवान पाकिस्तान की टी20 इंटरनेशनल टीम की बल्लेबाज़ी की रीढ़ माने जाते थे। बाबर आजम के साथ उन्होंने एक ऐसी ओपनिंग जोड़ी बनाई थी, जो पाकिस्तान के टी20 इतिहास की सबसे सफल जोड़ी बन गई। दोनों ने मिलकर 2522 रन जोड़े और लंबे समय तक टीम को मजबूत शुरुआत दिलाई।

लेकिन वक्त के साथ हालात बदले। टीम की फॉर्म गिरती चली गई और बाबर व रिजवान दोनों का प्रदर्शन भी प्रभावित हुआ। उन्हें ओपनिंग से हटाकर मिडिल ऑर्डर में आजमाया गया, लेकिन वहां भी वे असर नहीं छोड़ सके। अंततः दोनों को पाकिस्तान की टी20 टीम से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया।

पाकिस्तान टीम से बाहर होने से पहले रिजवान का टी20 रिकॉर्ड बेहद प्रभावशाली रहा है। उन्होंने 47.42 की औसत और 125.38 के स्ट्राइक रेट से 3414 रन बनाए थे, जो किसी भी विकेटकीपर बल्लेबाज़ के लिए शानदार आंकड़े माने जाते हैं।

ऐसे में बीबीएल रिजवान के लिए सिर्फ एक लीग नहीं, बल्कि खुद की काबिलियत दोबारा साबित करने और पाकिस्तान की आगामी टी20 वर्ल्ड कप टीम में जगह बनाने का सुनहरा मौका था। लेकिन अब तक वे इस अवसर को भुना नहीं पाए हैं।

मौजूदा प्रदर्शन को देखते हुए उनकी पाकिस्तान टीम में वापसी की राह फिलहाल बेहद कठिन और लगभग नामुमकिन नजर आ रही है।

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