भारतीय पैरा शटलरों का जापान में जलवा, झटके छह से अधिक स्वर्ण
भारतीय पैरा बैडमिंटन प्लेयर्स ने जापान पैरा बैडमिंटन इंटरनेशनल में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी श्रेष्ठता साबित कर दी। प्रमोद भगत, कृष्णा नागर और सुकांत कदम की शानदार खेल भावना और जीत की भूख ने भारत के लिए छह से अधिक स्वर्ण पदक पक्के किए।
प्रमोद भगत ने इस टूर्नामेंट में तिहरा ट्रॉफी जॉगी दिखाया। उन्होंने एसएल3 वर्ग में पुरुष एकल, पुरुष युगल और मिश्रित युगल में स्वर्ण पदक जीतकर भारतीय धुरंधरों की सूची में नाम दर्ज कराया।
एक रोमांचक मुकाबले में भगत ने जापान के दाइसुके फुजिहारा के खिलाफ पहला गेम गंवाने और दूसरे गेम में 16-19 की स्थिति से लड़ाई में वापसी करते हुए 17-21, 21-19, 21-10 से जीत दर्ज की।

पुरुष युगल में भगत और सुकांत कदम की जोड़ी ने हमवतन जगदीश दिल्ली और नवीन शिवकुमार को हराया, जबकि मिश्रित युगल में भगत ने मनीषा रामदास के साथ मिलकर जीत दर्ज की।
टोक्यो पैरालंपिक चैंपियन कृष्णा नागर ने एसएच6 वर्ग में पुरुष एकल और मिश्रित युगल दोनों में स्वर्ण पदक हासिल कर अपनी दबंग खेल शैली को साबित किया। अमेरिका के माइल्स क्राजेवस्की को हराकर नागर ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की धाक दिखाई।
सुकांत कदम ने पुरुष युगल में भगत के साथ मिलकर स्वर्ण पदक जीता, जबकि एसएल4 एकल में उन्हें हमवतन नवीन शिवकुमार से हार का सामना करना पड़ा और रजत पदक पर संतोष करना पड़ा। महिला खिलाड़ियों ने भी कमाल किया। मनदीप कौर और नीरज ने महिला एसएल3 वर्ग में क्रमशः रजत और कांस्य पदक जीते।
महिला युगल एसएल3-एसयू5 में मानसी जोशी और तुलसीमति मुरुगेसन ने स्वर्ण पदक जीता, जबकि नीरज-आरती और संजना कुमारी-शांतिया ने कांस्य पदक पर कब्जा किया। मिश्रित युगल एसएल3-एसयू5 में मानसी जोशी और रूथिक रघुपति ने कांस्य पदक हासिल किया।
पुरुष एसएल4 वर्ग में सूर्यकांत ने कांस्य पदक जीता, वहीं महिला एसयू5 वर्ग में तुलसीमति, मनीषा रामदास और शांतिया ने क्रमशः स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक जीतकर भारत की टीम को अंतरराष्ट्रीय मंच पर गौरवान्वित किया।
हार्दिक मक्कड़ और रूथिक रघुपति ने पुरुष युगल एसयू5 में रजत पदक हासिल किया, जबकि नित्या श्री ने महिला एकल एसएच6 में स्वर्ण पदक जीतकर भारतीय परंपरा को कायम रखा।
इस टूर्नामेंट ने एक बार फिर साबित कर दिया कि भारतीय पैरा बैडमिंटन खिलाड़ी न केवल व्यक्तिगत प्रतिभा में बल्कि टीम भावना और साहसिक खेल रणनीति में भी विश्व स्तरीय हैं।



